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माना जाता है कि नौ महीने पूरे होने से पहले डिलीवरी हो जाठतो बचà¥â€à¤šà¥‡ का पूरा विकास नहीं हà¥à¤† होता है। वहीं, 36वें सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ में शिशॠका पैदा होना सही नहीं माना जाता है। à¤à¤• समय पर 37वें हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠके लिठफà¥à¤² टरà¥à¤® (मतलब कि गरà¥à¤ में शिशॠका पूरा विकास हो चà¥à¤•ा है) कहा जाता था, लेकिन अब à¤à¤¸à¤¾ नहीं है।
आपके बचà¥â€à¤šà¥‡ का विकास
आपका बचà¥â€à¤šà¤¾ इस समय 17 या 18 इंच लंबाई का होगा। उसका वजन à¤à¥€ लगà¤à¤— 2.5 किलो के आसपास हो गया होगा। उसका वजन जनà¥â€à¤® तक बढ़ता रहेगा, मतलब आपका दà¥à¤¬à¤²à¤¾-पतला बचà¥â€à¤šà¤¾ अब अपने लिठफैट इकटà¥à¤ ा कर रहा है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के 35वें सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ के लकà¥à¤·à¤£
इस समय बढ़ता वजन आपके दैनिक कामकाज और दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में बाधा डालने लगा होगा। लेकिन यह सà¥â€à¤µà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• है वैसे à¤à¥€ अब कà¥à¤› ही हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की बात है। आपके सामानà¥â€à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ पहले जैसे ही हैं:
सांस लेने में समसà¥â€à¤¯à¤¾ : जैसे बचà¥â€à¤šà¥‡ का आकार बढ़ता है आपके फेफड़ों पर दबाव बढ़ता जाता है। इसीलिठआपको सांस लेने में जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मेहनत करनी पड़ रही है।
पैरों में कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥â€à¤ªà¥â€à¤¸ पड़ना या à¤à¤‚ठन : पैरों में कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥â€à¤ªà¥â€à¤¸ का सीधा सा हल है पानी परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पिà¤à¤‚। खाली पानी पीने की जगह शिकंजी, नारियल पानी या फà¥à¤°à¥‚ट जूस पिà¤à¤‚।
थकान के साथ चकà¥â€à¤•र आना : आपको थकान के साथ चकà¥â€à¤•र आने की समसà¥â€à¤¯à¤¾ हो रही होगी। असल में गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ में अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¨à¥‡ वाला हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ आपकी खून की नलियों को चौड़ा कर देता है। आने वाले समय में आपके शरीर में सामानà¥â€à¤¯ अवसà¥â€à¤¥à¤¾ से लगà¤à¤— 50 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ खून जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होगा। शरीर को इस नई सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤•ूल बनने में कà¥à¤› समय लगेगा।
कबà¥â€à¤œ और बवासीर : बढ़ते वजन, आयरन की गोलियों के असर की वजह से अगर आपकी कबà¥â€à¤œ बढ़ जाठतो यह बवासीर में बदल सकती है। अà¤à¥€ à¤à¥€ धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ न दिया जाठतो इनसे खून बहने लगता है। इससे शरीर में खून की कमी हो सकती है। इसलिठशà¥à¤°à¥‚ से ही फाइबर वाले फल-सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खानी चाहिठऔर परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी पीना चाहिà¤à¥¤ जरूरी हो तो डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। यह à¤à¥€ पढ़ें : कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी पीना चाहिà¤?
नाक से खून : शरीर में खून की अधिकता से आपका बीपी थोड़ा बढ़ जाता है। इस वजह से आपकी नाक की बारीक धमनियां कà¤à¥€-कà¤à¥€ फट जाती हैं और थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में खून की बूंदें निकलने लगती हैं। à¤à¤¸à¤¾ हो तो सिर ऊपर करके बैठजाà¤à¤‚, घबराà¤à¤‚ नहीं। धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि सिर जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पीछे न करें वरना खून गले में जाने लगेगा। नाक पर बरà¥à¤« लगा सकते हैं। पेट उठने वाले मरोड़ों, वजाइनल डिसà¥â€à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ और बचà¥â€à¤šà¥‡ के मूवमेंट पर लगातार नजर बनाठरखिà¤à¥¤
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